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चीन में मिले King Cobra Nests ने खोला सांपों के दुर्लभ घोंसला बनाने वाले व्यवहार का राज

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चीन में मिले King Cobra Nests ने खोला सांपों के दुर्लभ घोंसला बनाने वाले व्यवहार का राज
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किंग कोबरा को आमतौर पर उसके जहर और बड़े आकार के लिए जाना जाता है, लेकिन उसका घोंसला बनाने का व्यवहार आज भी पूरी तरह समझा नहीं गया है। चीन के युन्नान प्रांत में मिले तीन King Cobra Nests ने वैज्ञानिकों को इस सांप के प्रजनन व्यवहार की दुर्लभ झलक दी है। इनमें सबसे बड़े घोंसले में 72 अंडे मिले और उसके पास दो वयस्क किंग कोबरा देखे गए।

बीजिंग: चीन के युन्नान प्रांत में 2020 से 2025 के बीच किंग कोबरा के तीन घोंसले मिले हैं। इन घोंसलों में क्रमशः 30, 72 और 25 अंडे थे। इनमें कुनमिंग के पास मिला 72 अंडों वाला घोंसला सबसे ज्यादा दिलचस्प रहा, क्योंकि शोधकर्ताओं ने वहां एक ही घोंसले की रखवाली करते हुए दो वयस्क किंग कोबरा देखे।

एक्सपर्ट के लिए यह खास खोज है। किंग कोबरा के घोंसला बनाने और उसकी रखवाली करने के व्यवहार के बारे में अभी भी बहुत कम जानकारी उपलब्ध है।

‘इंटीग्रेटिव कंजर्वेशन’ में प्रकाशित एक स्टडी में इन घटनाओं का विवरण दिया गया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, ये चीन में दक्षिण-पूर्वी जिजैंग के बाहर किंग कोबरा के घोंसले और अंडों की संख्या से जुड़े पहले दर्ज रिकॉर्ड हैं।

King Cobra Nests: पहला घोंसला कहां मिला?

किंग कोबरा का पहला घोंसला 10 जुलाई 2020 को दक्षिणी युन्नान के जिशुआंगबाना दाई ऑटोनॉमस प्रीफेक्चर के मेंघाई काउंटी में मिला।

स्थानीय लोगों ने इसे करीब 1,730 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद ट्रॉपिकल बांस के जंगल में देखा था। घोंसला बांस की पत्तियों से बनाया गया था और एक किंग कोबरा उसके पास मौजूद था। शोधकर्ताओं ने माना कि वह मादा थी।

सांप के वहां से हटने के बाद शोधकर्ताओं ने घोंसले की जांच की। अंदर उन्हें 30 अंडे मिले। तेज रोशनी से अंडों की जांच करने पर कुछ अंडों के भीतर भ्रूण भी दिखाई दिए।

यह रिकॉर्ड इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि चीन में किंग कोबरा के घोंसला बनाने को लेकर पहले उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी जिजैंग इलाके तक ही सीमित थी।

ब्रह्मांड की फोटो
ब्रह्मांड की फोटो

किंग कोबरा ने 72 अंडों की रखवाली की

दूसरा घोंसला 6 जून 2024 को मिला और तीनों में से इसी ने शोधकर्ताओं का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा।

कुनमिंग के पश्चिम में एक मिश्रित जंगल में लोगों ने एक घोंसले के पास दो किंग कोबरा देखे। यह घोंसला चीड़ की सुइयों से बनाया गया था।

जब शोधकर्ता 1 जुलाई को दोबारा वहां पहुंचे, तो दोनों सांप अभी भी घोंसले के आसपास मौजूद थे।

एक सांप करीब 1.8 मीटर लंबा था, जबकि दूसरे की लंबाई लगभग 2 मीटर थी। घोंसला भी काफी बड़ा हो चुका था और ऐसा लग रहा था कि सांप उसमें लगातार सामग्री जोड़ रहे थे।

आखिर में घोंसला करीब 1 मीटर ऊंचा और 1.5 मीटर चौड़ा हो गया था। शोधकर्ताओं को इसके बीच में 72 अंडे मिले।

घोंसले के अंदर का तापमान 35°C से 40°C के बीच था। यह आसपास के वातावरण के तापमान से काफी ज्यादा था।

वैज्ञानिक दो सांपों को देखकर हैरान क्यों थे?

एक ही घोंसले की रखवाली करते हुए दो किंग कोबरा का मिलना इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प हिस्सा था।

किंग कोबरा में घोंसले की साझा रखवाली होती है या नहीं, इसके बारे में अभी तक पक्की जानकारी नहीं है। शुरुआती जांच के दौरान और 11 जुलाई को किए गए सर्वे में दोनों सांप घोंसले के पास देखे गए थे।

हालांकि 20 जुलाई तक वहां सिर्फ बड़ा वाला सांप मौजूद था।

शोधकर्ता यह पता नहीं लगा पाए कि दोनों सांप नर थे या मादा। इसी वजह से वे यह तय नहीं कर सके कि यह घोंसला किसी मेटिंग पेयर यानी नर-मादा जोड़े का था या फिर दो मादाओं ने एक ही घोंसले में अंडे दिए थे।

पहले की स्टडी में यह संकेत मिला है कि नर और मादा दोनों किंग कोबरा घोंसले की रखवाली में हिस्सा ले सकते हैं। लेकिन हाल की फील्ड स्टडीज में इस तरह के व्यवहार के बहुत कम सबूत मिले हैं।

यही वजह है कि युन्नान में मिले ये तीन घोंसले वैज्ञानिकों के लिए खास हैं। छोटे-से इलाके में मिले इन रिकॉर्ड्स ने किंग कोबरा के प्रजनन और घोंसले की देखभाल से जुड़े ऐसे सवाल सामने रखे हैं, जिनका जवाब अभी पूरी तरह नहीं मिला है।

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यह लेख हमारी विशेष संपादकीय टीम द्वारा तैयार किया गया है।

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