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Giant Isopod: संग्रहालय में मिला नई प्रजाति का विशाल जीव

Written by: 
Edited by: Dr Vikram Sharma
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Giant Isopod: संग्रहालय में मिला नई प्रजाति का विशाल जीव
Puerto Rico से मिले 32.2 सेंटीमीटर लंबे Giant Isopod की नई प्रजाति Bathynomus tuebingoborikensis
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क्या किसी जीव की नई प्रजाति बिना समुद्र में उतरे भी खोजी जा सकती है? Puerto Rico से आए एक पुराने Giant Isopod के नमूने ने वैज्ञानिकों को इसका दिलचस्प जवाब दिया।

समुद्र की गहराइयों में रहने वाले कुछ जीव इतने अजीब होते हैं कि उन्हें देखकर लगता है जैसे वे किसी दूसरी दुनिया के हों। लेकिन इस बार वैज्ञानिकों को एक नई प्रजाति खोजने के लिए समुद्र में उतरने की जरूरत नहीं पड़ी। यह जीव दशकों से एक संग्रह में रखा हुआ था, बस इसकी असली पहचान सामने नहीं आई थी। जर्मनी की University of Tübingen के वैज्ञानिकों ने Puerto Rico से लाए गए एक विशाल समुद्री जीव के पुराने नमूने की जांच की। अध्ययन में पता चला कि यह Giant Isopod की एक ऐसी प्रजाति है, जिसे पहले विज्ञान ने अलग प्रजाति के रूप में पहचाना ही नहीं था।

इस नई प्रजाति का नाम Bathynomus tuebingoborikensis रखा गया है। इसका नाम जर्मनी के विश्वविद्यालय शहर Tübingen और Puerto Rico के मूल Taíno नाम Boríken को मिलाकर बनाया गया है। खोज की जानकारी Scientific Reports जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में दी गई है।

Giant Isopod क्या होता है?

Giant Isopod समुद्र की गहराइयों में रहने वाला एक बड़ा crustacean है। यह केकड़ों और झींगों की तरह ही arthropods के समूह से संबंधित है, लेकिन इसका शरीर देखने में जमीन पर मिलने वाले छोटे woodlice जैसा लगता है। Woodlice को कई लोग नम जगहों, पत्थरों या पुराने लकड़ी के टुकड़ों के नीचे देखते हैं। Giant Isopod भी कुछ हद तक वैसा ही दिखाई देता है, लेकिन आकार में बहुत बड़ा होता है।

जर्मनी के University of Tübingen के संग्रह में मिले Giant Isopod की नई पहचानी गई प्रजाति Bathynomus tuebingoborikensis का वैज्ञानिक चित्रण।
जर्मनी के University of Tübingen के संग्रह में मिले Giant Isopod की नई पहचानी गई प्रजाति Bathynomus tuebingoborikensis का वैज्ञानिक चित्रण।

इसका शरीर कठोर बाहरी खोल से ढका रहता है, जो कई खंडों में बंटा होता है। इसके कई जोड़े पैर होते हैं और यह समुद्र की गहराई में रहने के लिए अनुकूलित है। Bathynomus वंश के कुछ Giant Isopods की लंबाई लगभग 50 सेंटीमीटर तक पहुंच सकती है। ये दुनिया के सबसे बड़े समुद्री अकशेरुकी जीवों में शामिल हैं।

1980 के दशक से संग्रह में रखा था नमूना2

इस खोज की कहानी और भी दिलचस्प है। University of Tübingen के जीवाश्म विज्ञान संग्रह में रखा यह नमूना 1980 के दशक में वैज्ञानिक Dolf Seilacher द्वारा Puerto Rico के एक research station से प्राप्त किया गया था। इसे शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए जर्मनी लाया गया था। काफी समय तक यह नमूना संग्रह में ही रखा रहा। बाद में जीवाश्म विज्ञान के विद्यार्थी और isopod विशेषज्ञ Benedikt Kästle तथा संग्रह के curator Dr. Ingmar Werneburg ने इसकी विस्तृत जांच की।

वैज्ञानिकों ने इसकी शारीरिक बनावट का बारीकी से अध्ययन किया और दूसरे Giant Isopods के नमूनों से इसकी तुलना की। जांच में इसकी ऐसी विशेषताएं सामने आईं, जो इसे पहले से पहचानी गई प्रजातियों से अलग करती थीं। इस नमूने की लंबाई 32.2 सेंटीमीटर थी। शोधकर्ताओं ने इसे एक नई प्रजाति के रूप में पहचाना।

यह खोज बताती है कि प्राकृतिक इतिहास के संग्रह में रखे पुराने नमूनों में भी ऐसी जानकारी छिपी हो सकती है, जो वैज्ञानिकों की मौजूदा समझ को बदल दे।

समुद्र की गहराइयों में कैसे रहता है यह जीव?

Giant Isopods समुद्र में काफी गहराई तक पाए जाते हैं। Bathynomus वंश के कुछ सदस्य लगभग 2,500 मीटर तक की गहराई में रह सकते हैं। वहां सूरज की रोशनी बहुत कम या बिल्कुल नहीं पहुंचती। ऐसे वातावरण में भोजन की उपलब्धता भी सतह के मुकाबले अलग होती है। ये जीव omnivores होते हैं, यानी इनके भोजन में अलग-अलग तरह के जैविक पदार्थ शामिल हो सकते हैं। इनमें समुद्र तल पर पहुंचने वाला मृत जैविक पदार्थ भी शामिल है।

उनका कठोर बाहरी खोल शरीर की सुरक्षा करता है, जबकि उनके पैर समुद्र तल पर चलने और भोजन तक पहुंचने में मदद करते हैं। हालांकि, नई खोजी गई प्रजाति के हर व्यवहार और उसकी जीवनशैली के बारे में अभी उतनी जानकारी नहीं है, जितनी कुछ दूसरी Giant Isopod प्रजातियों के बारे में उपलब्ध है।

Giant Isopods का विकास कैसे हुआ?

शोधकर्ताओं ने अलग-अलग Giant Isopod प्रजातियों की तुलना करके उनके evolutionary relationships का भी अध्ययन किया। उनके विश्लेषण के अनुसार, Bathynomus वंश की उत्पत्ति संभवतः उस समुद्री क्षेत्र में हुई जो आज Gulf of Mexico के आसपास है। यह विकासक्रम Miocene युग से जुड़ा है, जो लाखों साल पहले का समय था।

उस दौर में आज जैसी भौगोलिक स्थिति नहीं थी। उत्तर और दक्षिण अमेरिका के बीच समुद्री रास्ते खुले थे और समुद्री जीव अलग-अलग क्षेत्रों में फैल सकते थे। समय के साथ Giant Isopods की कई प्रजातियां विकसित हुईं। इनमें आकार और शारीरिक बनावट के आधार पर छोटे giant forms से लेकर बहुत बड़े रूप तक शामिल हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, बाद में Indo-Pacific क्षेत्र में इनका विविधीकरण हुआ और कुछ प्रजातियां असाधारण रूप से बड़ी हो गईं। Puerto Rico से मिला 32.2 सेंटीमीटर लंबा नमूना इसी बड़े आकार वाले समूह में आता है।

नई प्रजाति Mexico के पास मिलने वाली प्रजाति से मिलती-जुलती है

शोधकर्ताओं ने पाया कि Bathynomus tuebingoborikensis का संबंध Mexico के Yucatán Peninsula के आसपास पाई जाने वाली एक दूसरी Giant Isopod प्रजाति से काफी करीबी है। यह समानता वैज्ञानिकों को Caribbean क्षेत्र में इन जीवों के विकास और फैलाव को समझने में मदद कर सकती है।

हालांकि, केवल भौगोलिक निकटता या बाहरी समानता से किसी प्रजाति का पूरा evolutionary history तय नहीं हो जाता। इसके लिए शरीर की संरचना, आनुवंशिक जानकारी और दूसरे वैज्ञानिक प्रमाणों को साथ में देखना पड़ता है।

इस खोज से वैज्ञानिकों को क्या सीख मिली?

इस खोज का महत्व सिर्फ एक नई प्रजाति का नाम सामने आने तक सीमित नहीं है। यह दिखाती है कि संग्रहालयों और विश्वविद्यालयों में सुरक्षित रखे गए प्राकृतिक नमूने विज्ञान के लिए कितने उपयोगी हो सकते हैं। कई बार किसी जीव की पहचान उस समय उपलब्ध तकनीक और जानकारी के आधार पर की जाती है। बाद में बेहतर imaging, विस्तृत तुलना और नई evolutionary research से पता चल सकता है कि वह जीव वास्तव में किसी अलग प्रजाति का सदस्य है।

समुद्र की गहराइयों में रहने वाले जीवों के मामले में यह बात और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वहां की जैव विविधता का बड़ा हिस्सा अभी पूरी तरह समझा नहीं गया है। Puerto Rico का यह पुराना नमूना एक याद दिलाता है कि नई वैज्ञानिक खोज के लिए हमेशा किसी नई जगह तक पहुंचना जरूरी नहीं होता। कभी-कभी जवाब हमारे पास पहले से मौजूद होता है—बस उसे सही तरीके से पहचानने की जरूरत होती है।

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यह लेख हमारी विशेष संपादकीय टीम द्वारा तैयार किया गया है।

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